भारत के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आरोप लगाया है कि टाटा की iPhone पार्ट्स बनाने वाली फैक्ट्री से निकले दूषित पानी ने आसपास की कृषि भूमि के पानी को दूषित कर दिया है। यह मामला तमिलनाडु राज्य के होसुर जिले में सामने आया है। जांच में भारी धातुओं की मौजूदगी पाई गई है, जिससे फसलों और स्थानीय जल स्रोतों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। कंपनी पर पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगा है। टाटा समूह ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि वे सभी नियमों का पालन करते हैं और मामले की जांच में सहयोग कर रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फैक्ट्री को नोटिस जारी किया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस घटना से औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर प्रकाश पड़ता है।