सरकार ने किफायती आवास क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पचास मिलियन शिलिंग या उससे कम लागत वाले आवासों के निर्माण पर अब वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) नहीं लगाया जाएगा। यह घोषणा भूमि, आवास और मानव बस्ती विकास के उप मंत्री, कास्पर ममुया ने एक विशेष साक्षात्कार के दौरान की। इस कदम का उद्देश्य आम नागरिकों के लिए बेहतर आवास की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि वैट में छूट मिलने से आवास निर्माण लागत कम होगी, जिससे अधिक लोग घर खरीदने में सक्षम होंगे। यह निर्णय आवास क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने और रोजगार सृजन में भी मदद करेगा। यह कदम देश में आवास की कमी को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।