संसदीय बजट समिति ने सरकार से सार्वजनिक खर्चों पर सख्त नियंत्रण लगाने का आग्रह किया है। समिति का मानना है कि व्यय प्रबंधन में लगातार कमज़ोरियाँ देश के महत्वाकांक्षी विज़न 2050 के विकास लक्ष्यों को खतरे में डाल सकती हैं। 2026/27 के राष्ट्रीय बजट पर समिति के मूल्यांकन में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि अनावश्यक खर्चों को कम करना ज़रूरी है। सांसदों ने भी इस मांग का समर्थन किया है, जिससे सरकारी धन के बेहतर उपयोग पर सहमति बन रही है। समिति ने खर्चों की निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया है। यह कदम देश की आर्थिक स्थिरता और विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार से इस दिशा में जल्द कार्रवाई करने की उम्मीद है।