स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) की स्थायी समिति की 96वीं बैठक में तंजानिया ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। तंजानिया का कहना है कि शरणार्थी समस्या का सबसे स्थायी समाधान स्वैच्छिक प्रत्यावर्तन (voluntary repatriation) ही है। देश ने 2035 तक शरणार्थी आबादी को 50 प्रतिशत तक कम करने के प्रयासों में इस दृष्टिकोण के महत्व पर जोर दिया। तंजानिया का यह बयान वैश्विक स्तर पर शरणार्थी संकट के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। यह दर्शाता है कि दीर्घकालिक समाधान के लिए शरणार्थियों की स्वैच्छिक वापसी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बैठक में, तंजानिया ने इस मुद्दे पर अपने विचार रखे और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से सहयोग का आह्वान किया। यह कदम शरणार्थियों के सम्मानजनक और सुरक्षित प्रत्यावर्तन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।