अफ़गानिस्तान पर तालिबान के नियंत्रण के बाद यूरोपीय संघ ने पहली बार तालिबान के प्रतिनिधियों को ब्रुसेल्स में औपचारिक वार्ता के लिए आमंत्रित किया। यह बैठक यूरोपीय आयोग के अधिकारियों और तालिबान के प्रतिनिधियों के बीच हुई। इस मुलाक़ात का उद्देश्य अफ़गानिस्तान की मानवीय स्थिति पर चर्चा करना और सहायता पहुँचाने के तरीकों पर विचार करना था। यूरोपीय संघ ने स्पष्ट किया है कि यह बैठक तालिबान सरकार को मान्यता देने का संकेत नहीं है। यूरोपीय संघ अफ़गानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों और मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करता है। बैठक में इन मुद्दों पर भी ज़ोर दिया गया। भविष्य में और बातचीत होने की संभावना है, लेकिन यूरोपीय संघ की नीति तालिबान के कार्यों पर निर्भर करेगी।