फुल भुगतान ने पिछले चार वर्षों में लगभग 180 करोड़ रुपये खर्च किए हैं और 70 लाख सदस्य बनाए हैं। यह डिजिटल भुगतान बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा का संकेत है। कंपनी अब लाभ कमाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, क्योंकि प्रारंभिक विस्तार चरण समाप्त हो गया है। इस बदलाव का मतलब है कि बाजार में मौजूद अन्य खिलाड़ियों के साथ लाभप्रदता के लिए प्रतिस्पर्धा तेज हो जाएगी। फुल भुगतान का उद्देश्य अब उपयोगकर्ताओं को बनाए रखने और राजस्व बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना है। इस घटनाक्रम से पता चलता है कि डिजिटल भुगतान उद्योग में विकास की गति धीमी हो रही है और कंपनियां अब स्थिरता और मुनाफे पर अधिक ध्यान दे रही हैं। बाजार में मजबूत पकड़ बनाने के लिए अब लाभप्रदता महत्वपूर्ण होगी।