चीनी प्रकाशक ली यान्हे, जिन्हें फुचा के नाम से जाना जाता है, मई में जेल से रिहा हो गए हैं। वे गुसा पब्लिशिंग के मुख्य संपादक हैं। हालांकि, रिहा होने के बावजूद, उन्हें अभी तक ताइवान लौटने की अनुमति नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि फुचा अपने परिवार से मिल चुके हैं, लेकिन उनकी वापसी पर रोक जारी है। यह मामला चीन-ताइवान संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। फुचा की रिहाई और ताइवान वापसी पर रोक के कारणों का अभी तक स्पष्टीकरण नहीं मिला है। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई है, क्योंकि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाती है।
