ताइवान में नए नियमों के तहत, मुख्य भूमि चीन, हांगकांग और मकाऊ की यात्रा करने वाले यात्रियों को अब अपनी यात्रा का विवरण पंजीकृत करना आवश्यक है। एक सितंबर से लागू ये नियम, यात्रा के उद्देश्य, संपर्क जानकारी, यात्रा तिथियां और पासपोर्ट नंबर जैसी जानकारी मांगते हैं। विपक्षी दलों और पर्यटन ऑपरेटरों ने इन नियमों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, उनका आरोप है कि सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी स्थानीय चुनावों से पहले ताइवान जलडमरूमध्य में डर फैलाने की कोशिश कर रही है। आलोचकों का कहना है कि ये नियम अनावश्यक हैं और ताइवान के निवासियों के लिए मुख्य भूमि चीन की यात्रा को मुश्किल बना देंगे। पर्यटन उद्योग का तर्क है कि इससे पर्यटन प्रभावित होगा और व्यवसायों को नुकसान होगा। सरकार का कहना है कि ये नियम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। इन नियमों को लेकर ताइवान में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।