हाल के महीनों में ताइवान के शेयर बाजार में तेजी देखी गई है, जिसका मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में निवेश का बढ़ता चलन है। इस तेजी के कारण निवेशकों में ‘फियर ऑफ मिसिंग आउट’ (FOMO) की भावना पैदा हुई है, जिसके चलते वे ऋण लेकर भी शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, कुछ निवेशक तो 50 मिलियन ताइवानी डॉलर (लगभग 1.6 करोड़ रुपये) तक का ऋण लेकर बाजार में प्रवेश कर चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रवृत्ति जोखिम भरी है और बाजार में गिरावट आने पर निवेशकों को भारी नुकसान हो सकता है। ताइवान की सरकार और वित्तीय नियामक इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे। निवेशकों को सावधानी बरतने और जोखिमों का आकलन करने की सलाह दी जा रही है।