ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने जापान के साथ गहरे सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया है। ताइपेई में विदेशी मीडिया को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि जापान और ताइवान एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। राष्ट्रपति लाई ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया। यह बयान चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच आया है, जिसके कारण ताइवान और जापान दोनों ही अपनी सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क हैं। माना जा रहा है कि यह अपील दोनों देशों के बीच रक्षा और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक कदम है। ताइवान और जापान के बीच घनिष्ठ संबंध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हैं। इस सहयोग से क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि में योगदान मिलने की उम्मीद है।