ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने शनिवार को ताइपेई में राष्ट्रीय दिवस समारोह के दौरान एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि ताइवान शांति को महत्व देता है, लेकिन अपनी स्वतंत्रता और संप्रभुता से कभी नहीं समझौता करेगा। इस बयान के जवाब में, चीन के ताइवान मामलों के कार्यालय ने इसे उकसावे और विभाजन की कोशिश बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रपति लाई का यह बयान चीन के साथ ताइवान के तनावपूर्ण संबंधों के बीच आया है। ताइवान का मानना है कि वह एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र है, जबकि चीन ताइवान को अपना एक प्रांत मानता है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद लंबे समय से चले आ रहे हैं। बीजिंग ने स्पष्ट किया है कि ताइवान को मुख्य भूमि चीन के साथ फिर से एकीकृत किया जाना चाहिए, यदि आवश्यक हो तो बलपूर्वक भी।