कुओमिनतांग (केएमटी) ने पूर्व डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) के कर्मचारियों से जुड़े एक चीनी जासूसी मामले में तीन पूर्व कर्मचारियों की सजा कम करने और एक पूर्व कर्मचारी को बरी करने पर कड़ी आलोचना की है। केएमटी का कहना है कि यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है और न्याय प्रणाली में विश्वास को कमजोर करता है। पार्टी ने इस मामले की गहन जांच की मांग की है और दोषियों को कड़ी सजा देने का आग्रह किया है। केएमटी का आरोप है कि इस मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप हुआ है, जिसके कारण सजा कम कर दी गई। इस फैसले से ताइवान और चीन के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है। डीपीपी ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पार्टी इस मामले को गंभीरता से ले रही है। यह मामला ताइवान की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन गया है।