ताइवान की रक्षा मंत्रालय ने चीन के लगातार सैन्य दबाव और अपनी सेना के आधुनिकीकरण के बीच पाँच दिनों के लिए युद्ध अभ्यास शुरू किया है। यह अभ्यास वास्तविक युद्ध की परिस्थितियों में प्रशिक्षण को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। चीन ने ताइवान के पास 21 विमान तैनात किए हैं, जिससे तनाव और बढ़ गया है। ताइवान का कहना है कि यह अभ्यास आत्मरक्षा के लिए आवश्यक है और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। चीन ताइवान को अपना एक प्रांत मानता है और मुख्य भूमि के साथ पुनर्मिलन की वकालत करता है, जबकि ताइवान अपनी स्वतंत्रता बनाए रखने पर जोर देता है। यह सैन्य गतिविधि दोनों पक्षों के बीच पहले से ही जटिल संबंधों को और जटिल बना सकती है। अभ्यास का उद्देश्य ताइवान की युद्ध तैयारी को मजबूत करना है।