ताइवान की विधायिका ने अवैध बजरी खनन के लिए दंड को सख्त कर दिया है। नए प्रावधानों के अनुसार, बिना परमिट के व्यावसायिक लाभ के लिए खनन करने पर पांच साल तक की जेल और 50 करोड़ NT$ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, जो खनन स्थल को बहाल नहीं करते, उन पर 1 लाख NT$ से लेकर 25 लाख NT$ तक के लगातार जुर्माना लगाया जा सकता है। ये कदम 'मेइनोंग ग्रैंड कैन्यन' जैसी पर्यावरणीय आपदा को रोकने के उद्देश्य से उठाए गए हैं, जो अवैध खनन के परिणामस्वरूप हुई थी। सरकार का कहना है कि ये कानून प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और पर्यावरण के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे। ये बदलाव अवैध खनन गतिविधियों को हतोत्साहित करने और पुनर्वसन प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए बनाए गए हैं। नए कानूनों से पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण सुधार की उम्मीद है।

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