लाई प्रशासन ने एटोमिडेट को श्रेणी 1 के नशीले पदार्थ के रूप में पुनर्परिभाषित किया है। इस फैसले के बाद, एटोमिडेट का निर्माण, परिवहन या बिक्री करने पर अब मौत की सजा भी हो सकती है। यह कदम नशीली दवाओं के खिलाफ सरकार की कठोर नीति को दर्शाता है। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय जनता को नशीली दवाओं के खतरे से बचाने के लिए आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से एटोमिडेट के अवैध व्यापार पर लगाम लग सकता है। हालांकि, कुछ लोगों ने चिंता व्यक्त की है कि यह चिकित्सा उपयोग के लिए एटोमिडेट की उपलब्धता को प्रभावित कर सकता है। सरकार ने इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देने का वादा किया है।