ताइवान विश्वविद्यालय के चिकित्सा महाविद्यालय के डीन, वू मिंग-श्यान को हाल ही में दिल का दौरा पड़ा। इस घटना के बाद, चेन वेई-मिंग ने वू मिंग-श्यान के स्वास्थ्य के प्रति चिंता व्यक्त की है और अस्पताल में गंभीर रूप से बीमार मरीजों के इलाज के लिए विशेषज्ञों की कमी की ओर ध्यान आकर्षित किया है। दोनों ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेने और तत्काल समाधान खोजने का आग्रह किया है। ताइवान के अस्पतालों में गंभीर रूप से बीमार मरीजों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन विशेषज्ञों की कमी के कारण उचित देखभाल प्रदान करना मुश्किल हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या को हल करने के लिए चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण में निवेश बढ़ाना आवश्यक है। साथ ही, अस्पतालों को अधिक विशेषज्ञों को आकर्षित करने और बनाए रखने के लिए बेहतर कार्य परिस्थितियाँ प्रदान करनी चाहिए। इस संकट से निपटने के लिए सरकार और स्वास्थ्य अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की जा रही है।
