ताइवान विश्वविद्यालय के चिकित्सा महाविद्यालय के डीन, वू मिंग-श्यान, के बीमार होने से पहले, आंतरिक चिकित्सा रेजिडेंट डॉक्टरों की भर्ती दर को लेकर उनकी चिंता सामने आई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष केवल 60% आंतरिक चिकित्सा रेजिडेंट पदों को भरा जा सका है। इस कमी ने ताइवान के स्वास्थ्य मंत्रालय का ध्यान आकर्षित किया है, जो स्थिति की समीक्षा कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कमी डॉक्टरों पर काम का बोझ बढ़ा सकती है और स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को प्रभावित कर सकती है। मंत्रालय इस समस्या के कारणों का पता लगाने और समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध है। वू मिंग-श्यान का स्वास्थ्य संबंधी मुद्दा और डॉक्टरों की कमी, दोनों ही ताइवान की स्वास्थ्य सेवा के लिए महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।
