ताइवान, यूक्रेन से सीख लेकर चीन के खिलाफ एक बड़ी ड्रोन सेना का निर्माण कर रहा है। ‘इल्तालेhti’ नामक समाचार पत्र को एक ड्रोन फैक्ट्री के अंदर जाने का अवसर मिला। पहले, थंडर टाइगर कंपनी रेडियो-नियंत्रित खिलौने बनाने के लिए जानी जाती थी, लेकिन अब यह बिना पायलट वाले जहाजों का उत्पादन कर रही है। इन जहाजों का उद्देश्य चीन द्वारा ताइवान पर किसी भी हमले को महंगा और कठिन बनाना है। ताइवान का यह कदम चीन के बढ़ते सैन्य दबाव के जवाब में उठाया गया है। यह ड्रोन सेना ताइवान की रक्षा क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा सकती है। इस परियोजना से ताइवान की औद्योगिक क्षमता और तकनीकी प्रगति का भी पता चलता है।