ताइपे के मेयर च्यांग वान-आन अपने बेटे से जुड़े एक घोटाले के कारण आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। दरअसल, उनके सबसे बड़े बेटे को संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक छात्र विनिमय कार्यक्रम के लिए छात्रवृत्ति मिली थी। इस पर विशेषाधिकार और भाई-भतीजावाद को लेकर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि च्यांग का बेटा न केवल ताइपे के मेयर का पुत्र है, बल्कि एक अमेरिकी नागरिक भी है। आलोचकों का कहना है कि मेयर के पद का दुरुपयोग करके उनके बेटे को अनुचित लाभ पहुंचाया गया है। इस मामले ने ताइपे में राजनीतिक हलचल मचा दी है। च्यांग वान-आन ने आरोपों का खंडन किया है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे को छोड़ने को तैयार नहीं है। यह घटना ताइवान में सार्वजनिक पद पर आसीन लोगों के बच्चों को मिलने वाले लाभों को लेकर बहस को जन्म दे सकती है।