हांगकांग के ताई पो में पिछले नवंबर में हुई भीषण आग की जांच में पता चला है कि 168 मृतकों में से 91 की मौत धुएं के कारण हुई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह त्रासदी पूरी तरह से टाली जा सकती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि मानवीय त्रुटि के कारण आग से अलार्म बंद कर दिए गए थे। यह शहर में अब तक की सबसे घातक आग थी। जांच समिति ने आग की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल में गंभीर कमियों को उजागर किया है। रिपोर्ट में भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल सुधारों की सिफारिश की गई है। यह घटना हांगकांग में आग सुरक्षा मानकों पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न है।