ट्यूनीशिया के अग्रणी कवि ताहर हम्मामी, ‘मात्रा-मुक्त और स्वतंत्र कविता’ नामक एक नए काव्य आंदोलन के संस्थापक हैं। ‘रविवार की कविता’ शीर्षक से उनकी रचना, ‘मैं सड़कों पर ताड़ के पेड़ों को चलते हुए देखता हूँ’, ट्यूनीशियाई कविता में एक महत्वपूर्ण मोड़ का प्रतिनिधित्व करती है। यह कविता, पारंपरिक काव्य रूपों से हटकर, एक आधुनिक और स्वतंत्र शैली का उदाहरण है। हम्मामी का यह कार्य, ट्यूनीशियाई साहित्य में नवीनता और प्रयोग का प्रतीक है। ‘रविवार की कविता’ का प्रकाशन ‘कपीतालीस’ पत्रिका में हुआ है। यह कविता, ट्यूनीशियाई साहित्य और कला में हम्मामी के योगदान को रेखांकित करती है। यह रचना, युवा कवियों को नए विचारों और शैलियों के साथ प्रयोग करने के लिए प्रेरित कर सकती है।
