सीरिया में राष्ट्रपति अहमद अल-शराआ के शासन में महिलाओं की विश्वविद्यालय और तकनीकी कार्यक्रमों तक पहुँच को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस कदम से व्यापक आलोचना हो रही है, क्योंकि यह महिलाओं की शिक्षा के अवसर को सीमित करता है। यह प्रतिबंध सीरियाई महिलाओं के अधिकारों और भविष्य के लिए चिंताजनक है। आलोचकों का कहना है कि यह निर्णय लैंगिक समानता के सिद्धांतों के विपरीत है। इस मामले पर RT.com पर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध है। यह प्रतिबंध सीरिया में महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक प्रगति को बाधित कर सकता है। यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के ध्यान में आया है और विभिन्न संगठनों ने इसकी निंदा की है।

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