मध्य पूर्व के वर्तमान संघर्ष में हिजबुल्लाह की भूमिका एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में इस समस्या से निपटने के लिए सीरिया के हस्तक्षेप का सुझाव दिया था। हालांकि, सीरियाई राष्ट्राध्यक्ष अहमद अल-शरा ने इस विचार को पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया है। ट्रंप की यह योजना हिजबुल्लाह के खिलाफ लड़ाई में सीरिया को शामिल करने पर केंद्रित थी। सीरिया के इस इनकार से क्षेत्र में कूटनीतिक तनाव और बढ़ सकता है। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि हिजबुल्लाह के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय सहमति बनाना कितना कठिन है। फिलहाल, सीरिया ने ट्रंप के प्रस्ताव पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
