प्रसिद्ध कवयित्री और नारीवादी आइकन सिल्विया प्लाथ का हाल ही में निधन हो गया। उनकी रचनाओं का प्रभाव ‘एनी हॉल’ से लेकर ‘द सिम्पसन्स’ और ‘सेक्स एजुकेशन’ जैसे अनेक कार्यों में देखा जा सकता है। प्लाथ का हंगेरी से भी गहरा नाता था। हाल ही में, उनके जीवन और कार्यों पर आधारित एक अध्ययन पुस्तक, डोर्का तामास द्वारा ब्रिटेन में प्रकाशित की गई है। प्लाथ की कविताएँ आज भी अनेक लोगों को प्रेरित करती हैं, भले ही उनका जीवन दुखद रहा हो। वे साहित्य जगत में एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व थीं और उनकी विरासत हमेशा जीवित रहेगी। उनकी रचनाएँ व्यक्तिगत संघर्षों और नारीवादी दृष्टिकोण के लिए जानी जाती हैं।