सिडनी के पूर्वी उपनगरों में हुई तोड़-फोड़ की घटनाओं के लिए दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति को अदालत ने ‘यहूदी-विरोधी’ मानने से इनकार कर दिया है। राज्य की सर्वोच्च अदालत ने कहा कि वह व्यक्ति घृणा से प्रेरित नहीं था, बल्कि 'किराए का बर्बर' था। अदालत ने यह भी पाया कि वह कोई गंभीर आतंकवाद अपराध करने का जोखिम नहीं है। इस मामले में, आरोपी ने भित्तिचित्र बनाने के अपराध स्वीकार किए थे, लेकिन न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि इन कृत्यों को यहूदी-विरोधी नहीं माना जाना चाहिए। इस फैसले से उन आरोपों पर विराम लग गया है कि ये घटनाएं घृणा अपराध थीं। अदालत ने आरोपी के इरादे और कार्यों का गहन विश्लेषण करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला। यह मामला सार्वजनिक बहस का विषय था और अदालत के फैसले ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है।