स्विट्जरलैंड में आप्रवासन और जनसंख्या नियंत्रण पर एक महत्वपूर्ण जनमत संग्रह हो रहा है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य आप्रवासन को सीमित करना और जनसंख्या वृद्धि पर अंकुश लगाना है। यूरोपीय संघ इस जनमत संग्रह के नतीजों को लेकर चिंतित है, क्योंकि इससे स्विट्जरलैंड और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों में बदलाव आ सकता है। यदि यह प्रस्ताव पारित होता है, तो स्विट्जरलैंड के साथ यूरोपीय संघ की मौजूदा संधियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता पड़ सकती है। आलोचकों का तर्क है कि इससे स्विट्जरलैंड की अर्थव्यवस्था और श्रम बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। समर्थकों का कहना है कि यह स्विस पहचान और जीवन स्तर को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। जनमत संग्रह के परिणाम स्विट्जरलैंड की भविष्य की आप्रवासन नीति और यूरोपीय संघ के साथ उसके संबंधों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करेंगे।