स्विट्जरलैंड के मतदाता आज एक महत्वपूर्ण जनमत संग्रह में हिस्सा ले रहे हैं। इस मतदान का मुख्य उद्देश्य देश की कुल जनसंख्या को 1 करोड़ की सीमा तक सीमित करने के प्रस्ताव पर निर्णय लेना है। इस प्रक्रिया की तुलना ब्रिटेन के 'ब्रेक्सिट' से की जा रही है, क्योंकि इसके परिणाम काफी व्यापक हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का सीधा असर स्विट्जरलैंड की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। साथ ही, यूरोपीय संघ के साथ देश के राजनयिक संबंधों में भी बदलाव आ सकता है। यह जनमत संग्रह देश के भविष्य और उसकी जनसांख्यिकीय नीति के लिए अत्यंत निर्णायक है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस मतदान के परिणामों पर टिकी हैं।
