स्विट्जरलैंड के ग्लेशियरों पर इस वर्ष जमा हुई बर्फ़ और बर्फ़ का संचय सोमवार तक पूरी तरह पिघलने का अनुमान है। लगातार गर्मी की लहर के कारण ग्लेशियरों की बर्फ़ तेज़ी से पिघल रही है। यह स्थिति जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को दर्शाती है और अल्पाइन क्षेत्र के लिए चिंताजनक है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना भविष्य में जल संसाधनों पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। बर्फ़ के पिघलने से न केवल ग्लेशियरों का आकार कम हो रहा है, बल्कि भूस्खलन और बाढ़ का खतरा भी बढ़ रहा है। यह स्थिति पर्यटन उद्योग को भी प्रभावित कर सकती है, जो ग्लेशियरों पर निर्भर है। वैज्ञानिक इस स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं और इसके दीर्घकालिक प्रभावों का आकलन कर रहे हैं।