स्वीडिश वैज्ञानिक ने स्वीडन के ग्लेशियरों का विस्तृत मानचित्रण करने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, और इससे देश के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। वर्तमान में, स्वीडन के ग्लेशियरों की स्थिति के बारे में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है, जिससे प्रभावी संकट योजना बनाना मुश्किल हो रहा है। वैज्ञानिक ने सरकार से इस दिशा में तत्काल कदम उठाने और एक व्यापक मानचित्रण परियोजना शुरू करने का अनुरोध किया है। इस परियोजना से ग्लेशियरों के पिघलने की दर और संभावित प्रभावों का बेहतर आकलन करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, वैज्ञानिक ने देश की वर्तमान संकट योजनाओं की समीक्षा करने और उन्हें अपडेट करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि स्वीडन भविष्य में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है।