प्रसिद्ध प्रकाशक जोनास बोन्नियर ने स्वीडिश रेडियो के एक कार्यक्रम में बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने 2007 से 2013 के बीच विश्व स्तर पर प्रकाशित अपनी पुस्तकों के लिए इस्तेमाल किए गए छद्म नाम का रहस्य उजागर किया। बोन्नियर ने ‘समरप्रैट’ नामक कार्यक्रम में यह जानकारी दी, जिससे साहित्यिक हलकों में हलचल मच गई। उन्होंने वर्षों से अपनी असली पहचान छिपाकर रखी थी। यह खुलासा साहित्यिक जगत के लिए एक अप्रत्याशित घटना है। बोन्नियर ने इस बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी कि उन्होंने छद्म नाम क्यों चुना, लेकिन इस रहस्योद्घाटन ने पाठकों और आलोचकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है।