स्वीडिश आपराधिक न्याय विभाग ने जेलों और हिरासत केंद्रों में होने वाले यौन उत्पीड़न की घटनाओं की व्यापकता का विश्लेषण करने का निर्णय लिया है। यह कदम हाल ही में हुई समीक्षा के बाद उठाया गया है। विभाग का कहना है कि इस विश्लेषण का उद्देश्य इन घटनाओं की वास्तविक तस्वीर प्राप्त करना और भविष्य में इन्हें रोकने के लिए उपाय खोजना है। विश्लेषण में जेलों और हिरासत केंद्रों में काम करने वाले कर्मचारियों और कैदियों, दोनों के खिलाफ होने वाली यौन उत्पीड़न की घटनाओं को शामिल किया जाएगा। आपराधिक न्याय विभाग इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है और पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस विश्लेषण के निष्कर्षों के आधार पर, नीतियों और प्रक्रियाओं में बदलाव किए जा सकते हैं। यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे कि जेलों और हिरासत केंद्रों में सभी के लिए सुरक्षित वातावरण हो।
