स्वीडन में एक व्यक्ति को अपनी पत्नी को कई वर्षों तक वेश्यावृत्ति में धकेलने के आरोप में दोषी ठहराया गया है। अदालत में, आरोपी पति ने आरोपों से इनकार किया था और दावा किया था कि उसने केवल अपनी पत्नी की इच्छा को पूरा करने में मदद की थी, जो एक उच्च स्तरीय वेश्यावृत्ति में शामिल होना चाहती थी। उसने अपनी भूमिका को केवल प्रशासनिक बताया था। हालांकि, अदालत ने उसके दावों को खारिज कर दिया और उसे दोषी पाया। यह मामला, जिसे 'पेलिकोट मामला' के नाम से जाना जाता है, स्वीडन में मानव तस्करी और यौन शोषण से संबंधित कानूनों के प्रवर्तन पर प्रकाश डालता है। इस फैसले से पीड़ित महिलाओं को न्याय मिलने की उम्मीद है और इस तरह के अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी। मामले की विस्तृत जानकारी अभी भी सामने आ रही है।
