स्वीडिश केंद्रीय बैंक (Riksbank) को अप्रैल और मई में सांख्यिकी स्वीडन (SCB) द्वारा प्रकाशित मुद्रास्फीति के आँकड़ों को समायोजित करना होगा। यह समायोजन इसलिए आवश्यक है ताकि बैंक सही मौद्रिक नीतिगत निर्णय ले सके। खाद्य पदार्थों पर मूल्य वर्धित कर (VAT) में कटौती और ईंधन कर में कमी के कारण आँकड़ों में विकृति आ रही है। इन हस्तक्षेपों के कारण मुद्रास्फीति का वास्तविक स्तर अस्पष्ट हो गया है, जिससे नीति निर्माताओं के लिए सटीक आकलन करना मुश्किल हो रहा है। Riksbank का कहना है कि इन विकृतियों को दूर किए बिना, वे प्रभावी नीतिगत निर्णय नहीं ले सकते। यह स्थिति स्वीडन की आर्थिक नीति के लिए एक चुनौती प्रस्तुत करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को भविष्य में ऐसी नीतियों पर पुनर्विचार करना चाहिए जो मुद्रास्फीति के आँकड़ों को प्रभावित कर सकती हैं।
