हाल के रुझानों से पता चलता है कि स्वीडन में सरकार के कामकाज से मतदाताओं की संतुष्टि में वृद्धि हुई है। साथ ही, लोगों का अपना व्यक्तिगत आर्थिक स्थिति के प्रति दृष्टिकोण भी अधिक सकारात्मक हुआ है। इन दो कारकों के कारण, टिडो दलों की लोकप्रियता बढ़ रही है और वे लाल-हरे दलों की बढ़त को कम करने में सफल हो रहे हैं। यह बदलाव रायशुमारी में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि बेहतर आर्थिक माहौल इस बदलाव का एक महत्वपूर्ण कारण है। सरकार की नीतियों को लेकर जनता का विश्वास बढ़ रहा है, जिससे राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव आ रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में यह प्रवृत्ति कैसे विकसित होती है।