नए आँकड़ों से पता चला है कि पिछले वर्ष उत्सर्जन का स्तर सरकार के सत्ता में आने के समय से भी अधिक रहा है। यह स्थिति उदारवादी पार्टी के लिए चिंता का विषय होनी चाहिए थी, लेकिन इसके विपरीत, मंत्रालय में जश्न का माहौल है। यह आँकड़ा सरकार की पर्यावरण नीतियों की प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्सर्जन में वृद्धि जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने में बाधा उत्पन्न कर सकती है। सरकार इस वृद्धि के कारणों की जांच कर रही है और भविष्य में उत्सर्जन को कम करने के लिए नए उपायों पर विचार कर सकती है। हालांकि, विपक्षी दलों ने सरकार पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
