स्वीडन की फुटबॉल टीम के मिडफील्डर केन सेमा ने अपने माता-पिता के त्याग को याद करते हुए कहा कि यदि उनकी टीम विश्व कप में सफल होती है, तो वह पदक अपने माता-पिता, कियादिला और न्डोंगाला को समर्पित करेंगे। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता बेहतर जीवन की तलाश में कांगो से स्वीडन आए थे। सेमा ने कहा कि उनके माता-पिता के लिए यह अविश्वसनीय होगा कि उनका बेटा उसी देश के लिए विश्व कप में खेल रहा है जिसके लिए उन्होंने संघर्ष किया। यह क्षण उनके त्याग और बलिदान का प्रतीक होगा। सेमा का यह बयान उनके परिवार के प्रति गहरे सम्मान और कृतज्ञता को दर्शाता है। उनकी कहानी प्रेरणादायक है और यह दिखाती है कि कैसे माता-पिता अपने बच्चों के लिए बेहतर भविष्य बनाने के लिए त्याग करने को तैयार रहते हैं।