ओ/मॉडर्न्ट समर फेस्टिवल में सांसारिक और अलौकिक अनुभवों का मिश्रण देखने को मिला। आलोचक अन्ना ब्जेर्मक्विस्ट के अनुसार, फेस्टिवल में प्रस्तुत संगीत हमेशा परिपूर्ण नहीं था, लेकिन इसमें आगे बढ़ने की सोच, जिज्ञासा और कलात्मक उदारता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। “पैशन: स्वर्ग और पृथ्वी के बीच” नामक प्रस्तुति ने विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया। फेस्टिवल में कलाकारों ने नवीनता और रचनात्मकता को महत्व दिया। यह आयोजन संगीत प्रेमियों के लिए एक अनूठा अनुभव रहा, जहाँ उन्होंने विभिन्न शैलियों और विचारों का आनंद लिया। फेस्टिवल का माहौल उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक था, जिसने कलाकारों और दर्शकों दोनों को प्रभावित किया। कुल मिलाकर, ओ/मॉडर्न्ट समर फेस्टिवल कला और संस्कृति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान साबित हुआ।
