स्वीडन के किरुना शहर में रहने वाली फार्मासिस्ट जोड़ी को देश से निष्कासित करने का फैसला बरकरार रखा गया है। प्रवासन न्यायालय ने मामले की समीक्षा करने से इनकार कर दिया है। यह निष्कासन एक नौकरी विज्ञापन की गलत व्याख्या के कारण हो रहा है। परिवार अब स्वीडन छोड़कर पाकिस्तान लौटने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने इस फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी थी, लेकिन सफल नहीं हो पाए। यह मामला स्वीडन में आप्रवासन नीतियों और विज्ञापन व्याख्या से संबंधित चिंताओं को उठाता है। इस घटना से प्रभावित परिवार के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।