फीफा विश्व कप में स्वीडन ने ट्यूनीशिया को 5-1 से हराया। इस जीत में स्वानबर्ग के गोल को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। गोल को मान्यता देने के लिए वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की मदद ली गई। विशेष रूप से, 'स्निको' नामक नई तकनीक का उपयोग किया गया, जो गेंद के साथ सबसे छोटे संपर्क का भी पता लगाती है। इस तकनीक ने ही गोल में सूक्ष्म संपर्क को उजागर किया, जिसके कारण गोल को वैध माना गया। यह तकनीक फुटबॉल में विवादित फैसलों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। स्वीडन की यह जीत इस तकनीक के उपयोग के कारण और भी अधिक चर्चा में है।
