स्वीडन की महिला फुटबॉल टीम विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफाई करने में विफल रही है, ठीक वैसे ही जैसे पुरुष टीम के साथ हुआ था। फुटबॉल समर्थक पेरेरिक होल्मबोम के अनुसार, टीम की यह विफलता कुछ अजीब प्राथमिकताओं का परिणाम है। सबसे उल्लेखनीय है अनुभवी खिलाड़ियों को कम महत्व देना। होल्मबोम का तर्क है कि टीम प्रबंधन ने अनुभवी खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर नहीं दिए, जिससे टीम की समग्र क्षमता प्रभावित हुई। इस रणनीति के कारण टीम को क्वालीफाई करने के लिए अतिरिक्त बाधाओं का सामना करना पड़ा। यह स्थिति स्वीडन फुटबॉल में एक बहस का विषय बन गई है, जिसमें टीम की चयन प्रक्रिया और दीर्घकालिक रणनीति पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस विफलता से टीम के भविष्य पर असर पड़ सकता है।