हाल ही में यह सामने आया है कि कई 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) खाते, जो यूक्रेन युद्ध से संबंधित रूसी दुष्प्रचार फैला रहे हैं और खुद को रूसी सेना से संबद्ध बता रहे हैं, स्वीडन से संचालित हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका एक कारण स्वीडन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छी छवि का फायदा उठाना हो सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि स्वीडन से संचालित होने वाले इन खातों से यह संदेश जाता है कि जानकारी एक छोटे और निष्पक्ष यूरोपीय देश से आ रही है, जिससे उनकी विश्वसनीयता बढ़ जाती है। विशेषज्ञ ब्योर्न पाल्मर्ट्ज़ का कहना है कि यह रणनीति दुष्प्रचार को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपनाई जा रही है। इस मामले ने सोशल मीडिया पर सूचना युद्ध और गलत सूचना के प्रसार को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्वीडिश अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं और दुष्प्रचार फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं। यह घटनाक्रम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विदेशी हस्तक्षेप की संभावना को भी उजागर करता है।
