जोहाना फ्रांदेन के अनुसार, पेरिस में उत्साह जगाने के लिए स्वीडन पर जीत पर्याप्त नहीं है। स्वीडन अटलांटिक महासागर के पार वापस उड़ान भर रहा है, लेकिन वे शर्मनाक हार से बच गए। वहीं, फ्रांस विश्व कप में आगे बढ़ रहा है, जहाँ उनका सफ़र लंबा होने की संभावना है। अब सवाल यह है कि क्या अगले पांच वर्षों में कोई भी टीम "लेस ब्लूस" को हरा पाएगी? फ्रांदेन का विश्लेषण फ्रांस की मजबूत टीम और उनके प्रदर्शन पर केंद्रित है। यह परिणाम फ्रांस की विश्व कप में प्रबल दावेदारी को दर्शाता है।