स्वीडन की सरकार तेरह वर्षीय बच्चों को जेल भेजने के प्रस्ताव को वापस लेने की तैयारी कर रही है। न्याय मंत्री गुन्नार स्ट्रॉमर ने इस विषय पर सुबह 9:45 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने यह निर्णय लिया है कि 13 साल की उम्र के बच्चों को जेल की सजा नहीं दी जाएगी। यह प्रस्ताव पहले विवादों में था, क्योंकि कई लोगों का मानना था कि इतनी कम उम्र में बच्चों को जेल भेजना उचित नहीं है। सरकार के इस कदम से युवा न्याय प्रणाली में बदलाव होने की संभावना है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस फैसले के पीछे के कारणों और आगे की योजनाओं पर प्रकाश डाला जाएगा। यह निर्णय स्वीडन में आपराधिक न्याय के दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है।