स्वीडन सरकार ने तेरह वर्षीय अपराधियों को जेल भेजने के प्रस्ताव को वापस ले लिया है। न्याय मंत्री गुन्नार स्ट्रॉमर ने एक आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि सरकार को संसद में इस सुधार को पारित कराने की संभावना नहीं लग रही थी। विपक्षी दलों और विशेषज्ञों ने इस प्रस्ताव की कड़ी आलोचना की थी, जिसके कारण सरकार पर दबाव बढ़ गया था। सरकार का मानना है कि इस प्रस्ताव पर व्यापक सहमति का अभाव था। इस फैसले से किशोर न्याय प्रणाली में सुधार पर बहस जारी रहने की संभावना है। अब सरकार इस मामले पर नए सिरे से विचार करेगी और अन्य विकल्पों पर ध्यान देगी।