स्वीडन सरकार ने एक विवादास्पद विधेयक को वापस ले लिया है जिसके तहत 13 वर्ष की आयु के बच्चों को भी आपराधिक अपराधों के लिए जेल की सजा दी जा सकती थी। यह प्रस्ताव किशोर अपराध से निपटने के लिए कठोर कदम उठाने के उद्देश्य से लाया गया था, लेकिन व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा। विरोधियों का तर्क था कि इतनी कम उम्र में बच्चों को आपराधिक घोषित करना उनके विकास के लिए हानिकारक होगा। सरकार ने अब इस मुद्दे पर आगे की चर्चा और सहमति बनाने की आवश्यकता महसूस की है। इस फैसले से स्वीडन में किशोर न्याय प्रणाली पर बहस जारी रहेगी। विधेयक के रद्द होने के बाद, वर्तमान कानून लागू रहेगा, जिसके तहत आपराधिक जिम्मेदारी की न्यूनतम आयु 15 वर्ष है। सरकार का कहना है कि वह अपराध से निपटने के लिए अन्य उपायों पर ध्यान केंद्रित करेगी।