अभिनेत्री स्वस्तिका मुखर्जी ने ‘टॉक्सिक’ फिल्म में कियारा आडवाणी के अंतरंग दृश्यों को लेकर हुए ट्रोलिंग पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया कि अभिनेत्रियों को उनकी भूमिकाओं के लिए अनावश्यक रूप से निशाना क्यों बनाया जाता है। स्वस्तिका ने कहा कि यौनिकता जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा है और फिल्मों में इसका चित्रण स्वाभाविक होना चाहिए। उन्होंने कलाकारों को उनकी कला के आधार पर आंका जाना चाहिए, न कि उनकी व्यक्तिगत छवि के आधार पर। स्वस्तिका मुखर्जी ने इस मुद्दे पर सामाजिक मानसिकता में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अभिनेत्रियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार को समाप्त करना जरूरी है। स्वस्तिका ने यह भी कहा कि फिल्म उद्योग को अभिनेत्रियों को सुरक्षित महसूस कराने के लिए कदम उठाने चाहिए।