२६ अगस्त को आई बाढ़ से बचे बच्चे नींद न आने, घबराहट और अपने परिवार के सदस्यों को खोने की यादों से जूझ रहे हैं। अधिकारी और सहायता कर्मी एक शांत बाद के प्रभाव को दूर करने के लिए दौड़ रहे हैं। बाढ़ के कारण बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। वे रात में बुरे सपने देखते हैं और हमेशा डर में रहते हैं। सहायताकर्मी बच्चों को भावनात्मक सहायता प्रदान करने और उन्हें सामान्य जीवन में लौटने में मदद करने की कोशिश कर रहे हैं। यह स्थिति एक लंबी और कठिन प्रक्रिया होने की संभावना है, क्योंकि बच्चों को इस आपदा के आघात से उबरने में समय लगेगा। अधिकारियों का ध्यान अब पीड़ितों को दीर्घकालिक सहायता प्रदान करने पर केंद्रित है।