यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका की खुफिया एजेंसियां अब विज्ञापनदाताओं द्वारा एकत्र किए गए व्यक्तिगत डेटा को खरीदकर निगरानी कर रही हैं, एक हालिया सर्वेक्षण में यह खुलासा हुआ है। यह डेटा, जिसमें लोगों की व्यक्तिगत जानकारी शामिल है, निगरानी कार्यों के लिए उपयोग किया जा रहा है। सर्वेक्षण के अनुसार, एजेंसियां इस डेटा को सीधे डेटा ब्रोकरों से खरीद रही हैं, जिससे गोपनीयता संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। यह अभ्यास नागरिकों की निजता के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि डेटा की खरीद कानूनी रूप से जटिल क्षेत्र में हो रही है, जहां नियमों और विनियमों का पालन करना मुश्किल है। इस खुलासे से डेटा सुरक्षा और सरकारी निगरानी पर बहस तेज होने की संभावना है। यह प्रवृत्ति व्यक्तिगत गोपनीयता और नागरिक स्वतंत्रता के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती प्रस्तुत करती है।