अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में चुनाव के बाद डाक द्वारा प्राप्त मतपत्रों को वैध ठहराया है। यह फैसला कुछ राज्यों में लागू नियमों को बरकरार रखता है, जिसके तहत चुनाव के दिन के बाद प्राप्त मतपत्रों को भी गिना जाता है। इस निर्णय से पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है, जिन्होंने इन मतपत्रों की वैधता को चुनौती दी थी। अदालत ने कहा कि राज्य अपने चुनाव कानूनों को निर्धारित करने के लिए स्वतंत्र हैं, बशर्ते वे संघीय कानून का उल्लंघन न करें। यह फैसला आगामी चुनावों में डाक मतपत्रों के उपयोग को लेकर चल रही बहस को भी प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अदालत का यह फैसला उन राज्यों के लिए राहत लेकर आया है जो चुनाव के बाद आने वाले मतपत्रों को स्वीकार करते हैं।