संयुक्त राज्य अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने रिपब्लिकन नेशनल कमेटी (आरएनसी) की चुनौती को खारिज करते हुए राज्यों को चुनाव के बाद आने वाले डाक मतपत्रों की गिनती करने की अनुमति दे दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि मतपत्रों पर चुनाव दिवस से पहले की डाक तिथि अंकित है, तो उन्हें वैध माना जाएगा। यह फैसला उन राज्यों में महत्वपूर्ण है जहाँ चुनाव के बाद डाक मतपत्रों के आने की संभावना है। आरएनसी ने तर्क दिया था कि देर से आए मतपत्रों को गिना नहीं जाना चाहिए, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। इस निर्णय से उन मतदाताओं को राहत मिलेगी जिन्होंने समय पर मतपत्र भेजे थे लेकिन वे चुनाव के बाद पहुंचे। अदालत का यह फैसला आगामी चुनावों में डाक मतपत्रों की वैधता को लेकर चल रही अनिश्चितता को कम करेगा।